एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक अनुमान जताया है। एजेंसी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी 6.5 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष 2026-27 में 6.7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टैक्स कटौती और मौद्रिक नीति में ढील उपभोग-आधारित वृद्धि को बढ़ावा देगी और घरेलू खपत मजबूत बनी रहेगी।
एसएंडपी ने अपनी ‘इकोनॉमिक आउटलुक एशिया-पैसिफिक’ रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया कि अमेरिकी शुल्कों के बावजूद घरेलू मांग मजबूत है। एजेंसी ने बताया कि इस साल आयकर छूट बढ़ाने और ब्याज दरों में कमी के उपायों से मध्यम वर्ग की उपभोग क्षमता बढ़ी है। सरकार ने FY 2025-26 के बजट में आयकर छूट सीमा 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी, जिससे लगभग एक लाख करोड़ रुपये की कर राहत मिली।
साथ ही, आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में 0.5 प्रतिशत की कटौती की और जीएसटी में 375 वस्तुओं पर दर घटाकर दैनिक उपयोग की वस्तुओं को सस्ता किया। इन कदमों से निवेश की तुलना में उपभोग वृद्धि के लिए बल मिला है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भारत का वास्तविक जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जबकि जुलाई-सितंबर की आधिकारिक तिमाही वृद्धि आंकड़े 28 नवंबर को जारी होंगे।









