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अमेरिका का Smithsonian Museum भारत को लौटाएगा तमिलनाडु की तीन प्राचीन मूर्तियां

अमेरिका स्थित स्मिथसोनियंस नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट तमिलनाडु के मंदिरों से चोरी की गई तीन प्राचीन मूर्तियों को भारत लौटाने जा रहा है। इनमें नौवीं सदी की शिव नटराज कांस्य मूर्ति, 12वीं सदी की शिव एवं उमा की मूर्ति और 16वीं सदी में संत सुंदरार के साथ परवी की मूर्ति शामिल हैं। इस निर्णय के पीछे शोध है, जिसने मूर्तियों की अवैध तस्करी की पुष्टि की। इसके बाद भारतीय दूतावास और संग्रहालय के बीच इन अमूल्य कलाकृतियों की वापसी के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। अमेरिका में भारतीय दूतावास की उप प्रमुख नामग्या खम्पा ने एनएमएए के निदेशक चेस रॉबिन्सन के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि इन प्राचीन मूर्तियों की उत्पत्ति का शोध करने के बाद संग्रहालय ने यह पाया कि इन्हें अवैध रूप से भारत से हटाया गया था। ‘शिव और उमा’ की मूर्ति, जिसे सोमस्कंद के नाम से भी जाना जाता है, और ‘परवी के साथ संत सुंदरार’ की मूर्ति 1987 में आर्थर एम. सैकलर द्वारा संग्रहालय को दान की गई थीं। इस कदम से भारत की प्राचीन कलाकृतियों की वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है ।