भारतीय शेयर बाजार में 16 दिसंबर की सुबह सुस्ती का माहौल देखने को मिला। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में ही निफ्टी 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि बीएसई सेंसेक्स 325.76 अंकों की गिरावट के साथ 84,887.60 पर खुला। ट्रेडिंग सत्र में 1,226 शेयरों में कमजोरी रही, जबकि केवल 896 शेयर हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी के सभी प्रमुख सेक्टर्स लाल निशान में थे, जिससे बाजार में चौतरफा दबाव का संकेत मिला।
बड़े शेयरों जैसे एक्सिस बैंक, श्रीराम फाइनेंस, हिंडाल्को, टाइटन और मैक्स हेल्थकेयर में भारी बिकवाली रही, जबकि एसबीआई और अपोलो हॉस्पिटल्स जैसे कुछ शेयर मजबूती के साथ टिके रहे। करेंसी मार्केट में भी परेशानी रही, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.81 पर खुला, जो इतिहास का सबसे निचला स्तर है। इससे आयात महंगा होगा और आर्थिक चिंता बढ़ सकती है।
एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का असर देखा गया। जापान का निक्केई 738 अंक गिरा, हैंग सेंग और कोरियाई कोस्पी में 2% से अधिक की कमजोरी रही, वहीं ताइवान और सिंगापुर के बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। ग्लोबल मंदी का असर सीधे भारतीय बाजारों पर पड़ा, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी।









