सरकार मैसेजिंग ऐप्स के लिए SIM Binding नियम की डेडलाइन बढ़ाने की तैयारी में है। पहले यह समयसीमा फरवरी 2026 तय की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर दिसंबर 2026 तक किया जा सकता है। इस फैसले से WhatsApp और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म्स को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। कंपनियों ने इस सिस्टम को लागू करने में आ रही तकनीकी चुनौतियों को लेकर सरकार से अधिक समय मांगा था। इनमें टेस्टिंग, सॉफ्टवेयर अपडेट और ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दूरसंचार विभाग अब इस नियम को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बना रहा है।
SIM Binding के तहत यूजर्स का अकाउंट उनके मोबाइल नंबर और डिवाइस से जुड़ा होगा। यानी यूजर केवल उसी डिवाइस पर लॉगिन कर पाएगा, जिसमें रजिस्टर्ड SIM मौजूद होगी। इसके अलावा वेब या लिंक्ड डिवाइस पर हर कुछ घंटों में दोबारा लॉगिन करना पड़ सकता है, जिससे सुरक्षा और मजबूत होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य साइबर फ्रॉड और टेलीकॉम पहचान के दुरुपयोग को रोकना है, खासकर विदेश से होने वाले ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में। हालांकि इससे यूजर्स को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह उनकी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेगा।









