पश्चिम एशिया में ईरान, इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत में एलपीजी आपूर्ति पर असर पड़ा था, लेकिन अब हालात में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। ईरान की विशेष अनुमति के बाद भारतीय जहाज “शिवालिक” सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया। इससे गैस आपूर्ति को गति मिलने की उम्मीद है।
इसी कड़ी में “नंदा देवी” नामक एक और जहाज भी भारत पहुंचने वाला है, जबकि “जग लाडली” 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर देश आएगा। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार इन जहाजों के आगमन से ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति बेहतर होगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने एलपीजी को लेकर चिंता जताई है, हालांकि सीएनजी, पीएनजी और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। उत्पादन में भी 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, कमर्शियल गैस वितरण को लेकर राज्यों को निर्णय लेने की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार की सबसे बड़ी चिंता एलपीजी की कालाबाजारी को रोकना है, जिसके लिए केंद्र और राज्य मिलकर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर अभी कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत जारी है।









