भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने वाले जवानों और अग्निवीरों के लिए नागरिक जीवन में सहज वापसी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलवे विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सेना और रेल मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से एक सहयोगात्मक ढांचा तैयार किया गया है, जो पूर्व सैनिकों को स्थिर रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर प्रदान करेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सैन्य सेवा के दौरान प्राप्त कौशल, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का उपयोग राष्ट्रीय विकास में करना है।
इस योजना के तहत रेलवे में पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए विशेष आरक्षण व्यवस्था लागू की गई है। पूर्व सैनिकों को लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों पर 10 प्रतिशत तथा लेवल-1 पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। वहीं, अग्निवीरों के लिए लेवल-2 और उच्च स्तर के पदों पर 5 प्रतिशत और लेवल-1 पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है। रेलवे भर्ती बोर्ड और रेलवे भर्ती सेल के माध्यम से होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं द्वारा इन पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।
इसके अलावा, रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए रेलवे ने अस्थायी आधार पर पॉइंट्समैन पदों पर भी भर्ती की योजना बनाई है। इस पहल के तहत 5000 से अधिक संविदा पदों पर नियुक्ति की तैयारी चल रही है। देश के कई रेलवे मंडलों ने इस संबंध में सेना संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन भी साइन किए हैं।
यह योजना विशेष रूप से 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले पहले अग्निवीर बैच के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पूर्व सैनिकों को आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ समाज में सम्मानजनक स्थान भी मिलेगा, और वे देश के बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान दे सकेंगे।









