दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े मामले में अभिनेता राजपाल यादव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें 4 फरवरी 2026 तक संबंधित जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि यादव ने कई बार भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन तय समय पर राशि जमा नहीं की, जिससे न्यायिक प्रक्रिया के प्रति लापरवाही दिखती है।
सुनवाई के दौरान उनके वकील ने पेशेवर व्यस्तताओं का हवाला देकर राहत मांगी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। यह मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दर्ज है, जिसमें ट्रायल कोर्ट पहले ही उन्हें और उनकी पत्नी को छह महीने की सजा सुना चुका है। हाई कोर्ट ने पहले सजा पर रोक लगाकर 2.5 करोड़ रुपये किश्तों में चुकाने का मौका दिया था, लेकिन भुगतान न होने पर अब सजा पूरी करने के आदेश दिए गए हैं।









