राजस्थान के उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा हाल ही में एक बयान को लेकर विवादों में आ गईं. उन्होंने एक सेमिनार के दौरान मुगल शासक औरंगजेब को कुशल प्रशासक बताया और उसकी तुलना महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान जैसे वीरों से कर दी. इस टिप्पणी के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और राजपूत करणी सेना ने जोरदार विरोध किया और कहा कि यह मेवाड़ के गौरव और हिंदू भावनाओं का अपमान है. उन्होंने प्रो. मिश्रा के इस्तीफे की मांग भी की.
बढ़ते विवाद के बाद प्रो. सुनीता मिश्रा ने बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि है और उनका मकसद किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था. प्रो. सुनीता मिश्रा एक वरिष्ठ शिक्षाविद् हैं और फिलहाल MLSU, उदयपुर की कुलपति हैं. वह ओडिशा की रहने वाली हैं और इससे पहले लखनऊ के बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में डीन रह चुकी हैं. उनके पास 32 वर्षों का शिक्षण अनुभव है. उन्होंने 23 पुस्तकें लिखी हैं, 20 पीएचडी छात्रों का मार्गदर्शन किया है और दो पेटेंट भी लिए हैं. उन्हें 2008 में अमेरिका में नोबेल पुरस्कार विजेता द्वारा सम्मानित किया गया था. उन्होंने कहा कि वे मेवाड़ के लोगों का सम्मान करती हैं और उनसे दिल से माफी मांगती हैं.









