रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं, जिसमें वे 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह पुतिन की 2021 के बाद पहली भारत यात्रा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी लगभग 25 साल पुरानी मित्रता को भी याद दिलाती है। वर्ष 2001 में, तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मास्को गए थे।
यात्रा का उद्देश्य भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करना, ‘विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को मजबूत करना और वैश्विक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात 1 सितंबर को चीन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में शांति बनाए रखने का संदेश लगातार पुतिन को दिया है, जबकि पुतिन की यात्रा के दौरान व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भी चर्चा होगी। TASS के अनुसार, इस दौरे में 10 अंतर-सरकारी दस्तावेजों और 15 से अधिक समझौतों और ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने और व्यापक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









