Punjab

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: अपराध नियंत्रण में नाकामी पर अमृतसर SSP निलंबित

पंजाब में लगातार बढ़ रही गैंगस्टर गतिविधियों और जबरन वसूली की घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने अमृतसर (ग्रामीण) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनिंदर सिंह को निलंबित कर दिया है। सरकार का कहना है कि जिले में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ अपेक्षित और परिणामकारी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित होती दिखाई दी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने निलंबन आदेश जारी करते हुए कहा कि अपराधियों से निपटने में किसी प्रकार की सुस्ती स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि अपराध नियंत्रण पर समझौता नहीं होगा।

इस कार्रवाई के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं, क्योंकि हाल ही में तरनतारन उपचुनाव के दौरान सुरक्षा स्थिति एक बड़ा मुद्दा बनी रही थी। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि राज्य में गोलीबारी, धमकी और उगाही के मामलों में वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता में भय का माहौल बन रहा है। चुनाव अभियान के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वादा किया था कि पंजाब को गैंगस्टरों के प्रभाव से मुक्त किया जाएगा और ऐसे तत्वों को राज्य छोड़ने की चेतावनी भी दी थी।

मनिंदर सिंह 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और फरवरी 2024 में उन्हें अमृतसर ग्रामीण का SSP नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे अमृतसर कमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त और तरनतारन में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान जंडियाला गुरु क्षेत्र में एक दुकान मालिक को धमकाने के लिए की गई गोलीबारी की घटना ने पुलिस की प्रभावी कार्रवाई पर प्रश्न खड़े कर दिए थे। इस मामले में दो आरोपियों को हाल ही में गिरफ्तार किया गया, जो कथित रूप से अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े गिरोह के सदस्य बताए गए।

उधर, कुछ दिन पहले चुनाव आयोग ने तरनतारन की SSP रवजोत कौर ग्रेवाल को भी निलंबित किया था। उन पर उपचुनाव के दौरान विपक्षी नेताओं के खिलाफ गलत एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगा था। पंजाब में लगातार उठ रहे कानून-व्यवस्था के सवालों के बीच सरकार की ये कार्रवाइयाँ संकेत देती हैं कि आने वाले समय में अपराध नियंत्रण पर और भी कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।