World

अमेरिका और यूरोप में ईरान युद्ध के खिलाफ विरोध तेज, ट्रंप सरकार निशाने पर

Iran और United States के बीच पिछले 30 दिनों से जारी संघर्ष ने पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव का माहौल बन गया है। इस युद्ध के विरोध में अमेरिका और यूरोप के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें Donald Trump की नीतियों का कड़ा विरोध किया जा रहा है।

शनिवार को आयोजित “नो किंग्स” रैली में लाखों लोगों ने भाग लिया और सरकार के फैसलों के खिलाफ आवाज उठाई। Minnesota इस विरोध का प्रमुख केंद्र बना, जहां कैपिटल परिसर और आसपास की सड़कों पर हजारों लोग एकजुट होकर प्रदर्शन करते नजर आए। कई प्रदर्शनकारियों ने उल्टा अमेरिकी झंडा लहराया, जो परंपरागत रूप से संकट का संकेत माना जाता है।

आयोजकों के अनुसार, इस बार करीब 90 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई थी। पूरे अमेरिका के 50 राज्यों में 3,100 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Abigail Jackson ने इन प्रदर्शनों को वामपंथी समूहों द्वारा प्रायोजित बताया, जबकि National Republican Congressional Committee ने भी इन रैलियों की आलोचना की।

इस आंदोलन का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखा जा रहा है। Rome, London समेत कई शहरों में लोगों ने युद्ध विरोधी रैलियां निकालीं। आयोजकों के मुताबिक, यूरोप, लैटिन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में इसी तरह के प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, जहां लोग शांति और युद्ध समाप्ति की मांग कर रहे हैं।