मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को रविवार को रतलाम में उस समय विरोध का सामना करना पड़ा, जब उनकी जनसमर्थन यात्रा के दौरान धाकड़ समाज के लोगों ने उनका काफिला घेर लिया. लोगों ने काले झंडे दिखाए और उनकी कार के शीशे तोड़ दिए. दरअसल, जीतू पटवारी ने कुछ दिन पहले भाजपा नेता मनोहर लाल धाकड़ को लेकर एक बयान दिया था, जिससे धाकड़ समाज नाराज़ हो गया. विरोध को शांत करने के लिए पटवारी को काफिला रोककर माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने समाज के लोगों को अपना रिश्तेदार बताया.
जीतू पटवारी का गंभीर आरोप:
जब यात्रा शहीद चौक पर आमसभा में पहुंची, तो पटवारी ने दावा किया कि उन्हें नशे के खिलाफ आवाज उठाने की सजा दी जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव उनकी हत्या कराना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि रतलाम में उन पर भाजपा कार्यकर्ताओं से हमला करवाया गया और उनके पुतले भी जलाए जा रहे हैं.
“रात में ज़्यादा हो गई होगी” वाले बयान पर जवाब:
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पटवारी ने कहा, “मैं और मेरे परिवार ने कभी नशा नहीं किया. अगर कोई ये साबित कर दे, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.”
जनसमर्थन यात्रा की झलक:
यात्रा की शुरुआत दोपहर 2 बजे बाजना बस स्टैंड से हुई.
जीतू पटवारी और कांतिलाल भूरिया कार में सवार थे, बाकी नेता और कार्यकर्ता पैदल यात्रा में शामिल हुए.
सभी ने “वोट चोर, गद्दी छोड़” लिखी टी-शर्ट पहनी हुई थी.
यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए शहीद चौक पहुंची, जहां आमसभा की गई.









