राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 26 नवंबर को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में 75वें संविधान दिवस के मौके पर भारत के संविधान का डिजिटल संस्करण नौ भाषाओं—मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया—में जारी किया। कार्यक्रम में वाइस प्रेसिडेंट सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, राज्यसभा LoP मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा LoP राहुल गांधी सहित कई नेता उपस्थित थे। इस अवसर पर “भारत के संविधान में कला और कैलिग्राफी” नामक एक बुकलेट भी जारी किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि संविधान ने देश के आत्म-सम्मान और नागरिकों के डेमोक्रेटिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की। उन्होंने 1949 में संविधान का ड्राफ्ट तैयार करने और उसी दिन संविधान को अपनाने का ऐतिहासिक महत्व याद दिलाया।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि संविधान ने भारत की एकता को मजबूत किया और सामाजिक न्याय, कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास में मार्गदर्शन दिया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संविधान निर्माताओं—डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. राजेंद्र प्रसाद—को श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि संविधान नागरिकों के लिए न्याय, समानता और गरिमा की गारंटी देता है। संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है और यह देश के लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है।









