उत्तराखंड सरकार गंगा घाटों को लेकर नए नियम लागू करने की तैयारी में है। राज्य के प्रमुख धार्मिक केंद्र हरिद्वार और ऋषिकेश में भविष्य में केवल हिंदू धर्मावलंबियों को ही गंगा घाटों पर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इस निर्णय के पीछे कई संतों की लगातार मांग और धार्मिक आस्था को सम्मान देने का उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस संबंध में पहले से कानून मौजूद है और अधिकारियों को इसे गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार इस कानून को और सख्ती से लागू कर पूरे प्रदेश में व्यापक रूप से अमल करना चाहती है।
सूत्रों के अनुसार, हर की पैड़ी और अन्य प्रमुख घाटों पर कुछ नियम स्वतंत्रता से पहले से ही लागू हैं। 1954 के निकाय अधिनियम के तहत हरिद्वार के कुछ हिस्सों में गैर-हिंदू संपत्ति नहीं खरीद सकते। लेकिन वर्तमान में इस प्रतिबंध पर पर्याप्त रूप से अमल नहीं हो पा रहा है।
धार्मिक नेताओं ने समय-समय पर इस दिशा में कदम उठाने की मांग की है, जिसमें गैर-हिंदुओं के गंगा घाटों में प्रवेश और रात में ठहरने पर रोक के साथ उनके लिए संपत्ति अधिग्रहण पर भी पाबंदी शामिल है। सरकार इस मामले में ठोस कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।









