कर्नाटक में जनता दल (सेक्युलर) के निलंबित नेता, पूर्व सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने घरेलू सहायिका से बलात्कार के मामले में रेवन्ना को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने रेवन्ना पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और पीड़िता को 7 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का भी आदेश दिया है। इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना को इस मामले में दोषी करार दिया था।
यह मामला पिछले वर्ष का है, जब पीड़िता ने रेवन्ना के खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज कराए थे। इन सभी मामलों की सुनवाई के बाद अदालत ने रेवन्ना को दोषी ठहराया। पीड़िता द्वारा लगाए गए सभी आरोप अदालत में साबित हुए। विशेष न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने शनिवार को सजा का ऐलान करते हुए रेवन्ना को उम्रकैद की सजा दी। यह फैसला न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी एक गंभीर संदेश देता है।









