प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को साउथ ब्लॉक में अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक करेंगे। इसके बाद पीएम कार्यालय (PMO) ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक इमारत से निकलकर नवनिर्मित सेवा तीर्थ में स्थानांतरित हो जाएगा। साउथ ब्लॉक पिछले पांच दशकों से सरकार के सभी महत्वपूर्ण फैसलों का केंद्र रहा है, जहां जवाहरलाल नेहरू की पहली कैबिनेट बैठक हुई थी। सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कार्यालय एक ही स्थान पर होंगे।
इससे संवेदनशील मामलों पर बेहतर तालमेल और प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित होगी। इस परिसर में ‘भारत के जेम्स बॉन्ड’ कहे जाने वाले NSA अजीत डोभाल भी मीटिंग करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सेवा तीर्थ को पहले कार्यपालिका परिसर कहा जाता था, लेकिन अब इसका नाम बदलकर सेवा तीर्थ रखा गया है, जो उत्तरदायित्व-आधारित शासन की दिशा का प्रतीक है। साउथ ब्लॉक के खाली होने के बाद इसे युग-युगीन भारत संग्रहालय में परिवर्तित किया जाएगा। सेवा तीर्थ का निर्माण लगभग 1,200 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है, जो शासन के नए दृष्टिकोण का प्रतीक है।









