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PFRDA की बड़ी योजना: NPS में सुधार के लिए 15 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित, पेंशन भुगतान होगा पारदर्शी

पेंशनधारकों को सेवानिवृत्ति के बाद स्थिर और सुनिश्चित आय उपलब्ध कराने के लिए Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) ने 15 सदस्यीय उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में ऐसे नियामकीय ढांचे और दिशानिर्देश तैयार करना है, जिनके जरिए पेंशनधारकों को कानूनी रूप से लागू, बाजार आधारित लेकिन भरोसेमंद पेंशन मिल सके।

समिति का मुख्य कार्य NPS में accumulation से decumulation चरण तक पेंशन भुगतान की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और बिना रुकावट बनाए रखना होगा। इसके अलावा, समिति बाजार आधारित गारंटी के कानूनी रूप, जोखिम प्रबंधन, निवेश नियम, लॉक-इन अवधि, निकासी सीमा, प्राइसिंग मॉडल और सेवा शुल्क जैसे पहलुओं पर सुझाव देगी। पेंशनधारकों के हितों की रक्षा के लिए मानकीकृत डिस्क्लोज़र फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे मिस-सेलिंग रोकी जा सके और पेंशन में assurance और market-based guarantee का अंतर स्पष्ट किया जा सके।

PFRDA की यह पहल संकेत देती है कि NPS को सिर्फ बाजार आधारित रिटायरमेंट उत्पाद से आगे बढ़ाकर एक सुरक्षित और भरोसेमंद पेंशन प्रणाली में बदला जा रहा है। विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें आने वाले समय में भारत की पेंशन प्रणाली को नई दिशा दे सकती हैं।