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वंदे मातरम् पर संसद में घमासान: अमित शाह के आरोपों पर खड़गे का पलटवार

संसद के शीतकालीन सत्र के सातवें दिन वंदे मातरम् को लेकर राज्यसभा में जोरदार बहस हुई। चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर आरोप लगाया कि 1937 में वंदे मातरम् की स्वर्ण जयंती के समय उन्होंने गीत के केवल दो अंतरे अपनाकर इसे “टुकड़ों में बांट दिया।” शाह ने कहा कि कांग्रेस की सोच हमेशा इस गीत पर चर्चा से बचने की रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम् देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है, जिसे बंकिम चंद्र और महर्षि अरविंद ने नई ऊर्जा दी।

अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई सांसद वंदे मातरम् का समर्थन नहीं करते और कहा कि वे इसकी सूची सदन में पेश करेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार ने बंकिम चंद्र की जयंती पर डाक टिकट जारी किया था और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भी वंदे मातरम् का उल्लेख महत्वपूर्ण रहा।

गृह मंत्री के आरोपों पर जवाब देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वे पिछले 60 वर्षों से वंदे मातरम् गा रहे हैं, जबकि “जो आज बोल रहे हैं, उन्होंने इसे अभी-अभी शुरू किया है।” खड़गे ने बताया कि 1896 में कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार रविंद्रनाथ टैगोर ने यह गीत गाया था और पार्टी हमेशा से बंकिम चंद्र को सम्मान देती रही है।