पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। 48 घंटे के युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों पर हवाई हमला किया, जिसमें तीन युवा क्रिकेटरों समेत दस नागरिकों की मौत हो गई और 12 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यह हमला शुक्रवार रात पक्तिका प्रांत में किया गया। तालिबान सरकार ने इस हमले को संघर्षविराम का उल्लंघन बताया है और कहा है कि पाकिस्तान ने तीन अलग-अलग स्थानों पर बमबारी की।
तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसी AFP को बताया कि पाकिस्तान ने “संघर्षविराम तोड़ते हुए पक्तिका प्रांत में तीन जगह हवाई हमले किए” और अफगानिस्तान अब इसकी जवाबी कार्रवाई करेगा। प्रांतीय अस्पताल प्रशासन के अनुसार, हमले में मारे गए लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं।
वहीं पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया है कि यह हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े एक स्थानीय गुट हाफिज गुल बहादुर को निशाना बनाकर किया गया। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई उस आत्मघाती हमले के जवाब में की गई, जिसमें उत्तर वजीरिस्तान में सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 13 घायल हुए थे।
इस हमले में अफगानिस्तान के तीन युवा क्रिकेटर – कबीर, सिबगतुल्लाह और हारून – की भी मौत हो गई, जो पक्तिका के उरगुन जिले में एक मैत्रीपूर्ण मैच खेलने गए थे। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने इन खिलाड़ियों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। बोर्ड ने कहा कि यह “अफगानी खेल समुदाय, एथलीटों और क्रिकेट परिवार के लिए एक बड़ी क्षति” है।
क्रिकेट जगत में भी शोक की लहर है। अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज फजलहक फारूकी ने ट्वीट करते हुए कहा कि “निर्दोष नागरिकों और खिलाड़ियों की हत्या एक जघन्य अपराध है।” वहीं, राशिद खान ने इस हमले को “दिल दहला देने वाली त्रासदी” बताया और कहा कि “इन खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखा था।”
इस घटना के बाद अफगानिस्तान ने अगले महीने पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ होने वाली त्रिकोणीय सीरीज से हटने का फैसला किया है। अफगानिस्तान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह पाकिस्तान पर युद्धविराम का पालन कराने के लिए दबाव बनाए।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि “पाकिस्तान ने धैर्य खोने के बाद जवाबी कार्रवाई की है, लेकिन वह बातचीत के जरिए इस विवाद को सुलझाने के लिए तैयार है।” वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इस संघर्ष को सुलझाने में मध्यस्थता करने को तैयार हैं। ट्रंप ने कहा, “यह मामला जटिल नहीं है, इसे बातचीत से सुलझाया जा सकता है।”
इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जल्द से जल्द शांति बहाल करने की अपील की है।









