महाराष्ट्र में गुरुवार को मुंबई समेत 29 नगर निगमों के लिए होने वाले मतदान से पहले चुनाव आयोग के एक फैसले ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस चुनाव में ईवीएम के साथ प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट (PADU) मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। विपक्षी दलों ने इस नई तकनीक पर सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है। चुनाव प्रशासन के अनुसार, PADU एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जिसे ईवीएम के साथ जोड़ा जाएगा। इसका काम कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट को आपस में जोड़ना और जरूरत पड़ने पर बड़ी स्क्रीन पर जानकारी प्रदर्शित करना है।
मुंबई नगर आयुक्त भूषण गगरानी ने स्पष्ट किया कि अगर किसी वजह से कंट्रोल यूनिट का डिस्प्ले बंद हो जाता है, तो PADU मशीन को बैकअप सिस्टम के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मशीन मतदान प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं करेगी और केवल तकनीकी सहायता के लिए है। प्रशासन ने यह भी साफ किया कि PADU मशीन VVPAT जैसी नहीं है। यह न तो किसी तरह की पर्ची निकालेगी और न ही मतदाता को कागजी रसीद देगी। इसका उपयोग केवल डिस्प्ले सपोर्ट तक सीमित रहेगा।
PADU मशीन का निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बीएचईएल (BHEL) ने किया है और मुंबई चुनावों के लिए 140 यूनिट उपलब्ध कराई गई हैं। जहां चुनाव आयोग इसे तकनीकी सुविधा बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे गंभीर मामला मान रहा है।









