मंगलुरु, 30 मई 2025 — कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के बंटवाल तालुका में 27 मई को एक मुस्लिम युवक की हत्या के बाद मुस्लिम संगठनों ने सरकार और दक्षिणपंथी ताकतों पर तीखा हमला बोला है। सुन्नी स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ साउथ इंडिया (एसकेएसएसएफ) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने हत्या की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह घटना सांप्रदायिक नफरत के माहौल का परिणाम है।
एसकेएसएसएफ के राज्य महासचिव अनीस कौसरी ने मंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मृतक अब्दुल रहमान किसी भी आपराधिक गतिविधि या राजनीतिक संगठन से जुड़ा नहीं था। उन्होंने बताया कि रहमान सामाजिक रूप से सक्रिय थे और स्थानीय मोहल्ला समिति के महासचिव के रूप में कार्य कर रहे थे। साथ ही वह एसकेएसएसएफ के एक सक्रिय कार्यकर्ता भी थे।
कौसरी ने कहा, “अब्दुल रहमान धर्मनिरपेक्ष मूल्यों में विश्वास रखते थे और सभी समुदायों के लोगों से सौहार्दपूर्ण संबंध रखते थे। उनकी हत्या ने आम लोगों में भय पैदा कर दिया है और कामकाजी वर्ग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।”
एसकेएसएसएफ ने आरोप लगाया कि यह हत्या उन नफरत भरे भाषणों का प्रत्यक्ष परिणाम है जो सांप्रदायिक तत्वों द्वारा खुलेआम फैलाए जा रहे हैं। संगठन ने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी और भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इसी बीच, एसडीपीआई ने रहमान की हत्या के पीछे दक्षिणपंथी संगठनों की साजिश का आरोप लगाया और कहा कि सरकार की चुप्पी हिंसक तत्वों को प्रोत्साहन दे रही है। पार्टी ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।









