जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी और सटीक जवाबी कार्रवाई की. इस जवाब को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है, जिसे अब तक की सबसे निर्णायक सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है. एयर मार्शल नरमदेश्वर तिवारी ने बताया कि भारत ने इस ऑपरेशन में 50 से भी कम हथियारों का इस्तेमाल किया और पाकिस्तान को सीजफायर (संघर्षविराम) के लिए मजबूर कर दिया. उन्होंने कहा, “युद्ध शुरू करना आसान होता है, लेकिन उसे खत्म करना कठिन. चार दिन की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को समझ आ गया कि आगे बढ़ना उसके लिए भारी पड़ेगा.”
भारतीय वायुसेना ने 9 अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इसमें BrahMos एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइलें इस्तेमाल की गईं. 10 मई को हुए इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के चकलाला, सरगोधा, जैकोबाबाद, भोलारी और स्कर्दू जैसे रणनीतिक एयरबेस पर हमला किया गया. तिवारी ने बताया कि इस ऑपरेशन में Integrated Air Command and Control System ने अहम भूमिका निभाई, जिससे भारत न सिर्फ शुरुआत में हमलों को झेल पाया, बल्कि मुंहतोड़ जवाब भी दे सका.
10 मई की दोपहर तक पाकिस्तान की कई गतिविधियों को भारत ने रोक दिया. इसके बाद पाकिस्तान के DGMO ने भारत के DGMO को फोन कर बातचीत की. शाम 3:35 बजे हुई इस कॉल के बाद दोनों देशों ने संघर्षविराम पर सहमति जताई. हालांकि कुछ घंटे बाद ही ज म्मू-कश्मीर और गुजरात में पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए, जिन्हें भारतीय सेना ने इंटरसेप्ट कर लिया. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत इन उल्लंघनों को बहुत गंभीरता से लेता है और जरूरत पड़ी तो जवाब भी उतना ही कड़ा होगा. चार दिन चला ऑपरेशन सिंदूर यह दिखाता है कि भारत की कार्रवाई अब सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि रणनीतिक और असरदार होती है.









