शिवरात्रि के मौके पर अक्सर बेल पत्र को पूजा-पाठ के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह सिर्फ धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं है। आयुर्वेद और पारंपरिक भारतीय खानपान में बेल पत्र को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व शरीर को ठंडक देने, पाचन सुधारने, ब्लड शुगर नियंत्रित करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।
आइए जानते हैं बेल पत्र के 5 स्वास्थ्यवर्धक इस्तेमाल के तरीके:
- बेल पत्र की हर्बल चाय (Detox Tea)
सुबह खाली पेट बेल पत्र की चाय पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है, गैस, अपच और कब्ज में राहत मिलती है। 4-5 फ्रेश पत्ते उबालकर इसमें शहद या नींबू मिलाया जा सकता है। - बेल पत्र की चटनी
बेल पत्र, हरा धनिया, पुदीना, अदरक, हरी मिर्च और नींबू रस मिलाकर चटनी बनाई जा सकती है। यह भूख बढ़ाती है, पाचन सुधारती है और गर्मियों में शरीर को ठंडक देती है। - बेल पत्र का काढ़ा
तुलसी, काली मिर्च और अदरक के साथ बेल पत्र का काढ़ा पीने से इम्यूनिटी बढ़ती है और सर्दी-जुकाम से बचाव होता है। - बेल पत्र पाउडर
पत्तों को सुखाकर पीस लें और दही या छाछ में मिलाकर सेवन करें। यह गर्मियों में शरीर को ठंडक देता है, एसिडिटी और पेट की जलन में राहत मिलती है। - बेल पत्र का डिटॉक्स वॉटर
रात भर बेल पत्र को पानी में भिगोकर सुबह इसे पीने से शरीर को प्राकृतिक ठंडक मिलती है और टॉक्सिन बाहर निकलते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग बेल पत्र का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। बेल पत्र न केवल पूजा का प्रतीक है, बल्कि यह सेहत और स्वाद का भी बेहतरीन कॉम्बिनेशन साबित होता है।









