नीति आयोग ने बुधवार को जारी निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 के अनुसार भारत में समुद्र तटीय राज्य निर्यात में आगे हैं। सूचकांक में महाराष्ट्र पहले, तमिलनाडु दूसरे और गुजरात तीसरे स्थान पर हैं। हालांकि, अब देश के अंदरूनी राज्यों का प्रदर्शन भी बेहतर हो रहा है, और उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर पहुँच गया है। रिपोर्ट 70 मापदंडों पर आधारित है और निवेशकों को यह समझने में मदद करती है कि कौन सा राज्य निर्यात के लिए कितना तैयार है और किन सुविधाओं की पेशकश करता है।
नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत को 2047 तक आठ से 10 ट्रिलियन डॉलर की निर्यात अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। डॉ. अरविंद विरमानी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब सिर्फ महंगे या निम्न गुणवत्ता वाले उत्पाद नहीं है, बल्कि लागत और गुणवत्ता में प्रतिस्पर्धा करना है।
2025 में भारत का कुल निर्यात अप्रैल से नवंबर तक लगभग 562 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल से 5.4 प्रतिशत ज्यादा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग सामान, दवाइयाँ और कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ा। सूचकांक चार स्तंभों-निर्यात ढांचा, व्यापारिक वातावरण, नीति और शासन, तथा निर्यात प्रदर्शन-पर आधारित है। इससे राज्यों को अपनी कमजोरियाँ समझने, नीतियाँ सुधारने और रोजगार व वैश्विक बाजार में भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।









