राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा कदम उठाते हुए नंदीग्राम से जुड़े हिंसा और बमबारी मामले में तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओं को समन भेजा है। इन नेताओं को 17 अप्रैल को दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। इस कार्रवाई से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
यह मामला दिसंबर 2024 में नंदीग्राम के एक सहकारी समिति चुनाव के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है, जहां भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच विवाद बढ़कर बम विस्फोट तक पहुंच गया था। इस घटना में कुल 43 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई।
जांच के दायरे में कई स्थानीय और प्रभावशाली टीएमसी नेता शामिल हैं, जिनमें तमलुक संगठनिक जिले के प्रमुख नेता शेख सूफियान, अबु ताहेर और शंकु नायक जैसे नाम प्रमुख हैं। एनआईए के इस कदम के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
इस बीच तमलुक के जिला टीएमसी अध्यक्ष सुजीत रॉय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी को मिले नोटिस की समीक्षा की जा रही है और उचित कानूनी जवाब दिया जाएगा। कुल मिलाकर, इस मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इसे लेकर और सियासी टकराव बढ़ने की संभावना है।









