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न्यू रेंट एग्रीमेंट–2025 जल्द होगा लागू, किराये के नियमों में बड़े बदलाव

केंद्र सरकार जल्द ही न्यू रेंट एग्रीमेंट–2025 लागू करने जा रही है, जिसका लक्ष्य किराया प्रणाली को सरल, पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाना है। नए मॉडल में किरायेदारी अनुबंधों के लिए एक समान फॉर्मेट तैयार किया जा रहा है, ताकि मकान मालिक और किरायेदार दोनों ही किसी तरह की मनमानी शर्तें शामिल न कर सकें। इससे दोनों पक्षों के बीच होने वाले विवाद भी काफी हद तक कम होंगे।

सरकार किराया बढ़ाने की प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित बना रही है। अब मकान मालिक केवल साल में एक बार ही किराया बढ़ा सकेंगे और इसके लिए 90 दिन पहले नोटिस देना अनिवार्य होगा। ₹5,000 से अधिक किराये का भुगतान अब केवल डिजिटल माध्यमों से ही किया जाएगा, जिससे रिकॉर्ड स्पष्ट रहें और टैक्स से जुड़े विवाद समाप्त हों।

सबसे बड़ा बदलाव सिक्योरिटी डिपॉजिट में किया गया है। जहां पहले कई शहरों में 6–10 महीने तक का किराया बतौर डिपॉजिट लिया जाता था, वहीं अब नई व्यवस्था के तहत रिहायशी संपत्तियों पर डिपॉजिट सिर्फ दो महीने के किराये तक सीमित रहेगा। महंगे किराये—₹50,000 प्रतिमाह से अधिक—पर TDS भी लागू होगा।

सभी किराया अनुबंधों को दो महीने के भीतर रजिस्टर कराना अनिवार्य होगा, और ऐसा न करने पर ₹5,000 का जुर्माना लगेगा। वहीं, किराया विवादों के लिए विशेष ट्रिब्यूनल बनाए जाएंगे, जो 60 दिनों में मामलों का निपटारा करेंगे। यह बदलाव किराये की व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।