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नई श्रम संहिताएं लागू: करोड़ों कामगारों के लिए कामकाज के नियमों में बड़ा बदलाव

देश में आज से लागू हुई नई श्रम संहिताओं को कामगारों के हित में अब तक का सबसे महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। केंद्र सरकार के मुताबिक ये बदलाव केवल कानूनी सुधार नहीं, बल्कि 40 करोड़ से अधिक मजदूरों और कर्मचारियों के कामकाजी जीवन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। नई व्यवस्था के तहत हर कर्मचारी को समय पर न्यूनतम वेतन मिलना अनिवार्य होगा, जिससे वेतन रोकने या देरी करने की मनमानी खत्म होगी।

युवाओं के लिए नौकरी शुरू करते ही नियुक्ति पत्र देना अब आवश्यक कर दिया गया है, जिससे रोजगार की शर्तें स्पष्ट रहेंगी। महिलाओं को समान पद पर पुरुषों के बराबर वेतन देने का नियम भी लागू होगा। पहली बार देश की आधी से ज्यादा वर्कफोर्स सोशल सिक्योरिटी के दायरे में आएगी। फिक्स टर्म कर्मचारियों को केवल एक साल के काम के बाद ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा, जो कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड वर्कर्स के लिए बड़ी राहत है।

40 वर्ष से अधिक उम्र वाले कर्मचारियों के लिए सालाना मुफ्त स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है। ओवरटाइम करने वाले श्रमिकों को अब दोगुना भुगतान मिलेगा। खतरनाक क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए पूरी हेल्थ सिक्योरिटी सुनिश्चित की गई है। सरकार का कहना है कि नई श्रम संहिता भारत को वैश्विक मानकों के करीब ले जाएगी।