केंद्र सरकार ने नए श्रम संहिता-2019 के तहत कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। अब किसी भी कर्मचारी के इस्तीफा देने, नौकरी छोड़ने या बर्खास्त होने की स्थिति में नियोक्ता को उसका पूरा फुल एंड फाइनल भुगतान केवल दो कार्यदिवसों में करना होगा। पहले इस प्रक्रिया में कोई निर्धारित समय सीमा नहीं थी और कई कंपनियां 30 से 45 दिन तक भुगतान में देरी करती थीं। इसमें अंतिम महीने का वेतन, बकाया छुट्टियों का भुगतान और अन्य भत्ते शामिल होंगे। ग्रेच्युटी और पीएफ जैसे भुगतान के नियम अलग बने रहेंगे।
नए नियमों में छंटनी (रिट्रेंचमेंट) पर कर्मचारियों को 15 दिन की मजदूरी के बराबर ‘पुनः कौशल निधि’ भी मिलेगी, जो नौकरी समाप्त होने के 45 दिनों के भीतर सीधे बैंक खाते में जमा होगी। यह प्रावधान स्थायी और निश्चित अवधि के दोनों कर्मचारियों पर लागू होगा और इसका उद्देश्य कर्मचारियों को नई कौशल सीखने और रोजगार के नए अवसर हासिल करने में मदद करना है।
इस व्यवस्था से कर्मचारियों को नौकरी छोड़ते समय आर्थिक परेशानी नहीं होगी, नई नौकरी शुरू करने से पहले वित्तीय दबाव कम होगा और कंपनियों द्वारा देरी या मनमानी को रोका जा सकेगा। फुल एंड फाइनल प्रक्रिया अब तेज, पारदर्शी और अधिक नियंत्रित होगी।









