भारत की प्रमुख निजी ईंधन कंपनी Nayara Energy ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 5 रुपये और 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। यह फैसला मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी के बाद लिया गया है, जिसका कुछ भार कंपनी ने ग्राहकों पर डाला है।
सूत्रों के अनुसार, देशभर में हजारों पेट्रोल पंप संचालित करने वाली कंपनी बढ़ती लागत के दबाव में है। हालांकि, Reliance Industries और BP Plc के संयुक्त उद्यम Jio-bp ने अभी तक कीमतों में बदलाव नहीं किया है, जबकि सरकारी कंपनियां भी फिलहाल दरों को स्थिर बनाए हुए हैं।
कीमतों में यह बढ़ोतरी अलग-अलग राज्यों में टैक्स संरचना के कारण भिन्न हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल की कीमत में वृद्धि 5.30 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि निजी कंपनियों को सरकार से किसी तरह की भरपाई नहीं मिलती, जिससे उन्हें नुकसान से बचने के लिए कीमतें बढ़ानी पड़ती हैं।
गौरतलब है कि अप्रैल 2022 से सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। इस दौरान Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों के उतार-चढ़ाव का असर खुद झेलती रही हैं। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत आयात करता है, जिससे वैश्विक हालात का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।









