नई दिल्ली, 15 अगस्त 2025 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से ‘नेशनल डीपवाटर एक्सप्लोरेशन मिशन’ की घोषणा के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि समुद्र के नीचे मिलने वाले तेल और गैस भंडार देश की ऊर्जा तस्वीर बदल देंगे। इस मिशन का उद्देश्य गहरे पानी में हाइड्रोकार्बन खोज को तेज करना है, जिससे 2032 तक राष्ट्रीय ऊर्जा भंडार दोगुना और 2047 तक उत्पादन तिगुना करने का लक्ष्य है।
पुरी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 52 और 2014 से अब तक कुल 172 हाइड्रोकार्बन खोजें की जा चुकी हैं। उन्होंने इसे ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने वाला कदम बताया, जो ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “समुद्र मंथन” करार देते हुए कहा कि यह मिशन मोड में लागू किया जाएगा। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर यह भी बताया कि भारत महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भर बनने के लिए 1,200 से अधिक स्थानों पर अन्वेषण अभियान चला रहा है, क्योंकि अब पूरी दुनिया इन खनिजों के महत्व को समझ चुकी है।









