राजस्थान के पंचायती राज मंत्री Madan Dilawar ने राज्य के सभी पंचायती राज कार्यालयों में हर सुबह और कार्यालय समय समाप्ति पर राष्ट्रगान गाना अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रालयों में केवल भारत में बने उत्पादों का ही उपयोग किया जाएगा। यदि विदेशी उत्पाद इस्तेमाल होते पाए गए तो उसका खर्च संबंधित अधिकारी से वसूला जाएगा, विशेष परिस्थितियों में ही छूट दी जाएगी। विधानसभा में विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार गांवों को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सुशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को महीने में कम से कम चार बार गांवों में ‘रात्रि चौपाल’ आयोजित करने और रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिए। गांवों का दौरा नहीं करने वाले अधिकारियों की सरकारी गाड़ियां वापस लेने की चेतावनी भी दी गई है।
मंत्री ने बताया कि 20 हेक्टेयर भूमि पर मवेशियों के लिए शेल्टर, तालाब और वृक्षारोपण की योजना बनाई गई है, जिसकी अनुमानित लागत 400 करोड़ रुपये होगी। ड्रोन सर्वे के आधार पर रिहायशी क्षेत्रों में मंदिरों के नाम पर पट्टे जारी किए जाएंगे, जिससे पानी-बिजली कनेक्शन और भूमि विवादों के समाधान में मदद मिलेगी। सभी गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने और अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए गांवों के विकास कार्यों और निर्माण योजनाओं को एक पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। साथ ही, ग्राम पंचायत क्षेत्रों में मीट बेचने के लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा और केवल वैध स्वास्थ्य प्रमाणपत्र वाली दुकानों को अनुमति मिलेगी। क्लर्क भर्ती-2013 में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए मामले को एसओजी को भेजने की बात भी मंत्री ने कही।









