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ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं? घबराएं नहीं, दस्तावेज सत्यापन के लिए चुनाव आयोग का 4-सूत्रीय प्लान

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम न होने या दस्तावेज सत्यापन के नोटिस मिलने से परेशान मतदाताओं के लिए राहत की खबर है। चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए चार सूत्री एजेंडा जारी किया है। यह निर्देश नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को भेजे गए हैं। आयोग के मुताबिक, जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हैं या जिनके रिकॉर्ड में असंगति पाई गई है  उनसे BLO ऐप के जरिए अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड कराए जाएंगे।

इन दस्तावेजों का सत्यापन जिला निर्वाचन अधिकारी को ECINET पोर्टल पर अपलोड होने के पांच दिन के भीतर करना होगा। अगर दस्तावेज उसी राज्य के किसी अन्य जिले से जारी हुए हैं तो उन्हें संबंधित जिले को भेजकर सत्यापन कराया जाएगा। वहीं दूसरे राज्य से जारी दस्तावेजों के मामलों में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के माध्यम से तुरंत वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

चुनाव आयोग का कहना है कि इन कदमों से लाखों मतदाताओं की चिंता कम होगी और सत्यापन प्रक्रिया में तेजी आएगी। SIR प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश को छोड़कर सभी 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जा चुकी है। यूपी में 6 जनवरी को ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होगी। अब तक के आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा वोटरों के नाम हटाए गए हैं, इसके बाद गुजरात और पश्चिम बंगाल का स्थान है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करने के उद्देश्य से की जा रही है।