केरल से माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने दावा किया है कि केंद्र सरकार भारतीय करेंसी नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने पर विचार कर रही है। यह आरोप मनरेगा को बदलने वाले हालिया VB-G RAM G बिल के विवाद के बीच आया है, जिसमें गांधी का नाम हटाने को लेकर विपक्ष पहले ही चिंतित था।
ब्रिटास ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस योजना पर उच्चस्तरीय प्रारंभिक चर्चा पहले ही हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी को मुद्रा से हटाना देश के प्रतीकों को फिर से परिभाषित करने की कोशिश का हिस्सा है। सांसद ने यह भी कहा कि यह सिर्फ अटकलें नहीं हैं, बल्कि सरकार के इरादों का संकेत है, भले ही रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पहले बार-बार इस तरह के किसी प्रस्ताव को खारिज किया हो।
महात्मा गांधी की तस्वीर 1996 में लॉन्च हुई गांधी सीरीज नोट्स के बाद से सभी भारतीय नोटों पर स्थायी रूप से छपी हुई है। RBI ने 2022 में साफ किया था कि किसी भी नोट से गांधी की तस्वीर हटाने या उसे किसी अन्य हस्ती से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
ब्रिटास ने इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित टी पार्टी में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की उपस्थिति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जनविरोधी विधेयक पारित होने के बाद इस तरह के स्वागत समारोहों में विपक्ष का नरम रुख उसकी विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
इस विवाद ने VB-G RAM G बिल के पारित होने के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे महात्मा गांधी की विरासत पर हमला मान रहा है, जबकि सरकार इसे देश की नई योजनाओं और प्रतीकों के हिस्से के रूप में पेश कर रही है।









