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मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: आधुनिक प्रशासन, अवसंरचना और नवाचार को मिले नए साधन

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज प्रशासन, अवसंरचना, नगरीय विकास और नवाचार के कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी। सबसे प्रतीकात्मक निर्णय नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से नए परिसरों, सेवातीर्थ और कर्तव्य भवनों में सरकारी कार्यालयों के स्थानांतरण का है। ये ऐतिहासिक भवन अब राष्ट्रीय संग्रहालय का हिस्सा बनेंगे, जिससे प्रशासनिक कार्य आधुनिक, तकनीक समर्थ और पर्यावरण अनुकूल परिसरों में होगा।

रेल क्षेत्र में तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें दिल्ली-अंबाला, कसारा-मनमाड और बल्लारी-होसापेट खंड शामिल हैं। 389 किलोमीटर नए ट्रैक से यात्री व मालगाड़ियों की आवाजाही तेज होगी और उद्योग, कृषि तथा पर्यटन को लाभ मिलेगा।

सड़कों में महाराष्ट्र, गुजरात, असम और तेलंगाना में बड़े उन्नयन और नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे यात्रा समय घटेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और रोजगार सृजन होगा। नोएडा मेट्रो विस्तार से शहर की भीड़भाड़ कम होगी और प्रदूषण घटेगा।

नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप इंडिया फंड और नगरीय विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का कोष मंजूर किया गया। ये कदम निजी निवेश, स्थानीय निकाय और बाजार आधारित मॉडल को प्रोत्साहित करेंगे। ये फैसले स्पष्ट करते हैं कि विकास अब केवल खर्च बढ़ाने से नहीं, बल्कि संरचना और सोच बदलकर ही संभव है।