ऑपरेशन सिंदूर की सफलतापूर्वक समाप्ति के बाद केंद्र सरकार मेरठ को राष्ट्रीय रक्षा तकनीक का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना बना रही है। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने यहां देश के पहले समर्पित मानव रहित विमान (UAV) और ड्रोन रनवे के निर्माण के लिए औपचारिक टेंडर जारी कर दिया है। यह रनवे सिर्फ ड्रोन और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) के लिए डिजाइन किया जाएगा, जबकि अब तक भारत में ड्रोन संचालन के लिए सामान्य हवाई पट्टियों का उपयोग होता रहा है।
परियोजना की अनुमानित लागत 406 करोड़ रुपये है और इसके लिए लगभग 900 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है। निर्माण में लगभग 85 महीने यानी सात साल का समय लग सकता है। इस सुविधा से न केवल सीमाओं की निगरानी सुदृढ़ होगी, बल्कि यह ड्रोन पायलटों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा।
बीआरओ के अनुसार, रनवे (14/32) का डिजाइन अत्याधुनिक होगा। इसकी लंबाई 2,110 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी। इसे इस तरह तैयार किया जा रहा है कि न केवल ड्रोन, बल्कि C-295 और C-130 जैसे बड़े मालवाहक विमान भी सुरक्षित रूप से लैंड और ऑपरेट कर सकेंगे। इस परियोजना से भारत की सामरिक और रणनीतिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।









