सरकार एलपीजी सब्सिडी के तरीके में बदलाव पर विचार कर रही है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें अब संभावित रूप से बढ़ सकती हैं क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों ने अमेरिका से लॉन्ग-टर्म एलपीजी सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे पहले सब्सिडी का गणित सऊदी अरब से आने वाली गैस के आधार पर तय होता था, लेकिन अब अमेरिकी स्टैंडर्ड के साथ अटलांटिक पार आने वाले शिपमेंट की लॉजिस्टिक लागत को भी शामिल करने की मांग उठ रही है।
अमेरिका से एलपीजी इंपोर्ट करने की लागत सऊदी अरब की तुलना में चार गुना ज्यादा है। इसका मतलब है कि अगर इस नई लागत को सब्सिडी में शामिल किया गया, तो सरकार को खर्च बढ़ेगा। इस स्थिति में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी होना संभावित है, खासकर उन कस्टमर्स के लिए जो उज्ज्वला योजना के तहत लाभान्वित होते हैं।
दिल्ली में वर्तमान में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत सब्सिडी के बाद 853 रुपए है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 1,580 रुपए के आसपास बिक रहा है। उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को 300 रुपए की सब्सिडी मिलती है और देश में इस योजना के तहत लगभग 10.35 करोड़ परिवार शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिकी एलपीजी की लॉजिस्टिक लागत और कीमत में अंतर को पूरा करने के लिए पर्याप्त छूट नहीं मिलती है, तो सरकार को सब्सिडी घटानी पड़ सकती है। इससे आम जनता के लिए एलपीजी सिलेंडर महंगा हो सकता है।









