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9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: नए राज्यपाल और उपराज्यपाल नियुक्त

केंद्र सरकार ने गुरुवार देर रात कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपालों और उपराज्यपालों की नियुक्तियों में व्यापक बदलाव किए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दी, जिसके तहत नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए चेहरे नियुक्त किए गए या अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

सबसे अहम बदलाव राष्ट्रीय राजधानी में हुआ है, जहां भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल बनाया गया है। वहीं बिहार में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेना में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उनकी नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में भी बड़ा बदलाव किया गया है। तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल आर.एन. रवि को अब पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया है। इस नियुक्ति पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन कर इसकी जानकारी दी, लेकिन पारंपरिक प्रक्रिया के तहत उनसे सलाह नहीं ली गई।

महाराष्ट्र में जिष्णु देव वर्मा को राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जो इससे पहले तेलंगाना के राज्यपाल थे। वहीं तेलंगाना में हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को नई जिम्मेदारी दी गई है।हिमाचल प्रदेश में लद्दाख के पूर्व उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता को राज्यपाल बनाया गया है। नागालैंड के नए राज्यपाल के रूप में नंद किशोर यादव की नियुक्ति की गई है। लद्दाख में भी बदलाव हुआ है। दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को अब लद्दाख का नया उपराज्यपाल बनाया गया है। वहीं तमिलनाडु में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फेरबदल ऐसे समय किया गया है जब कई राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और आने वाले समय में महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रियाएं भी होने वाली हैं। ऐसे में केंद्र सरकार इन पदों पर अनुभवी और भरोसेमंद चेहरों को जिम्मेदारी सौंपना चाहती है। नई नियुक्तियां तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं और संबंधित अधिकारी जल्द ही अपने पद का कार्यभार संभालेंगे।