सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक वकील ने चीफ जस्टिस बी.आर. गवई की ओर कथित तौर पर जूता फेंकने की कोशिश की. आरोपी वकील की पहचान राकेश किशोर के रूप में हुई है, जिनका सुप्रीम कोर्ट बार में पंजीकरण 2011 का है. घटना के दौरान राकेश किशोर कोर्ट रूम के सामने की डेस्क के पास पहुंचा और अचानक जूता निकालकर CJI की तरफ फेंकने का प्रयास किया. हालांकि, सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से समय रहते हस्तक्षेप हुआ और वकील को हिरासत में ले लिया गया. बाहर जाते वक्त वकील को यह कहते सुना गया, “सनातन का अपमान नहीं सहेंगे.”
मामले पर चीफ जस्टिस बी.आर. गवई ने पूरी तरह शांत रहते हुए कोर्ट की कार्यवाही जारी रखी. उन्होंने अन्य वकीलों से कहा, “इस पर ध्यान मत दें, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.” उनकी इस प्रतिक्रिया की प्रशंसा की जा रही है. घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट परिसर की सुरक्षा तत्काल बढ़ा दी गई. वकीलों और बार के सदस्यों ने घटना की कड़ी निंदा की है. एक वरिष्ठ वकील ने कहा, “अगर यह घटना सच है और सनातन धर्म पर किसी टिप्पणी के कारण ऐसा किया गया, तो यह शर्मनाक है. आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. यह घटना देश की सबसे बड़ी अदालत की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े करती है.









