दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था अब नए रूप में सामने आने वाली है। वर्ष 2019 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक दिल्ली की बसों में देश के किसी भी राज्य की महिलाएं बिना टिकट सफर कर सकती थीं। लेकिन आने वाले समय में इस सुविधा के नियम बदलने जा रहे हैं, जिससे खासतौर पर बिहार और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से दिल्ली में रहने वाली लाखों महिलाओं पर असर पड़ सकता है।
दिल्ली सरकार महिलाओं की मुफ्त यात्रा योजना को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से “पिंक सहेली कार्ड” शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह एक स्मार्ट कार्ड होगा, जिसे डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा के लिए अनिवार्य किया जाएगा। योजना के तहत यह कार्ड केवल दिल्ली की निवासी 12 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं और किशोरियों को ही जारी किया जाएगा। आवेदन के लिए दिल्ली पते वाला आधार कार्ड जरूरी होगा, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि लाभ केवल स्थानीय महिलाओं तक सीमित रहेगा।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हर महीने लगभग दो करोड़ महिलाएं डीटीसी बसों में मुफ्त सफर करती हैं। अभी तक कागजी पिंक टिकट प्रणाली लागू है, जिसमें टिकट की बर्बादी, सही आंकड़ों की कमी और निगरानी में दिक्कत जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। पिंक सहेली कार्ड के जरिए बस में चढ़ते समय इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर टैप करके यात्रा दर्ज होगी, जिससे व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी।
कार्ड बनवाने के लिए दिल्ली भर में बस डिपो, डीएम और एसडीएम कार्यालयों तथा कॉमन सर्विस सेंटर पर विशेष काउंटर खोले जाएंगे। इसके अलावा सरकार अलग-अलग श्रेणियों के बस पास धारकों और सामान्य यात्रियों के लिए भी अलग स्मार्ट कार्ड जारी करने की योजना पर काम कर रही है। तैयारियां समय पर पूरी होने की स्थिति में यह नई व्यवस्था 14 जनवरी 2026 के बाद लागू हो सकती है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली भी अधिक आधुनिक बनेगी।









