कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की खबर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने राज्य में सत्ता संघर्ष को लेकर लगातार बन रहे भ्रम पर नाराजगी जताई है और पार्टी नेतृत्व से साफ रुख सामने लाने को कहा है। उनका मानना है कि बार-बार उठ रही नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं से सरकार और संगठन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया जल्द कैबिनेट विस्तार करना चाहते हैं और इसी संदर्भ में वह राहुल गांधी से मुलाकात कर नेतृत्व को लेकर चल रही अफवाहों पर भी चर्चा करना चाहते हैं। कर्नाटक कांग्रेस में यह खींचतान कथित “ढाई-ढाई साल” के फॉर्मूले से जुड़ी मानी जा रही है, जिसके तहत सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद साझा किए जाने की अटकलें हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री गुट का दावा है कि ऐसा कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ और सिद्धारमैया पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी बार-बार कह चुके हैं कि नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम नहीं है और आंतरिक मुद्दों को राज्य स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए। सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों ने मतभेद की खबरों को विपक्ष और मीडिया की अटकलें बताया है। वहीं भाजपा इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर सत्ता संघर्ष में उलझे रहने का आरोप लगा रही है।









