राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला अभी भी रहस्यमय बना हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण नहीं पता चला। इसके बाद विसरा सैंपल जांच के लिए जयपुर स्थित फॉरेंसिक लैब (एफएसएल) भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। पोस्टमार्टम में छोटी और बड़ी आंत लाल दिखी, जो किसी विषैले तत्व के असर का संकेत हो सकता है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा रहा।
मामले में इंजेक्शन का एंगल भी सामने आया है। आश्रम के कंपाउंडर देवी सिंह ने बताया कि साध्वी पहले भी डेक्सोना इंजेक्शन ले चुकी थीं। घटनास्थल पर Asthalin की दो शीशियां भी मिलीं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि साध्वी को अस्थमा जैसी समस्या थी या नहीं। डेक्सोना स्टेरॉयड दवा है, फेफड़ों की सूजन कम करने में मदद करती है, लेकिन अधिक मात्रा में खतरनाक हो सकती है।
जांच के लिए एसीपी छवि शर्मा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है, जिसमें तकनीकी और साइबर टीम शामिल हैं। आश्रम से जुड़े लोगों और कंपाउंडर से पूछताछ शुरू हो गई है। पुलिस ने मेडिकल हिस्ट्री और सभी साक्ष्य एफएसएल जांच के लिए सुरक्षित किए हैं। साध्वी के मामा ने हाथ नीला और नाखून काले होने की बात कही, लेकिन किसी साजिश से इनकार किया। अब सबकी नजर एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी है।









