फ्रांस में आयोजित G7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने इस वर्ष की शुरुआत में प्रधानमंत्री कार्नी के भारत दौरे के बाद बढ़ाई गई साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में व्यापार, शिक्षा, कृषि और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। खासतौर पर पश्चिम एशिया संकट और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुले रखने के उपायों पर जोर दिया गया। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित है और दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस व्यापार के लिए अहम है।
पश्चिम एशिया संकट के कारण ईरान द्वारा जलडमरूमध्य में बाधा डालने से वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है। इस पर जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में विचार-विमर्श किया। 26-27 मार्च को फ्रांस में आयोजित इस G7 बैठक में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के अलावा यूरोपीय संघ भी शामिल है। भारत के अलावा फ्रांस ने सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और ब्राज़ील को भी आमंत्रित किया है। G7 वैश्विक आर्थिक, वित्तीय और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा और समन्वित कार्रवाई के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करता है।









