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फ्लेमलेस किचन की ओर शिफ्टहो रहा IRCTC; रोज 16 लाख यात्रियों को मिल रहा खाना

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईंधन आपूर्ति को लेकर वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच Indian Railway Catering and Tourism Corporation ने अपने बेस किचन को धीरे-धीरे फ्लेमलेस किचन सिस्टम की ओर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। आईआरसीटीसी के एजीएम आनंद कुमार झा ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 60 प्रतिशत भोजन इलेक्ट्रिक इंडक्शन सिस्टम पर तैयार किया जा रहा है, जिससे एलपीजी गैस पर निर्भरता कम हो रही है। उन्होंने बताया कि दाल, चावल, सब्जियों की ग्रेवी समेत कई व्यंजन इलेक्ट्रिक सिस्टम पर बनाए जा रहे हैं, जबकि रोटी जैसे अन्य खाद्य पदार्थ भी इसी व्यवस्था में तैयार किए जा रहे हैं।

आईआरसीटीसी के अनुसार देशभर में रेलवे यात्रियों के लिए प्रतिदिन करीब 16 लाख लोगों को भोजन परोसा जा रहा है और फिलहाल भोजन आपूर्ति में किसी तरह की रुकावट नहीं है। आनंद कुमार झा ने बताया कि औसतन 1000 लोगों के भोजन के लिए एक गैस सिलेंडर की जरूरत पड़ती है और एक बड़े बेस किचन में लगभग 25 सिलेंडर तक की खपत हो सकती है, हालांकि मौजूदा समय में गैस की कोई कमी नहीं है। इसके साथ ही आईआरसीटीसी भविष्य में सोलर एनर्जी आधारित किचन विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। योजना के तहत बेस किचन की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे वैकल्पिक ऊर्जा के जरिए भोजन तैयार किया जा सकेगा। इस पहल से न केवल ईंधन पर निर्भरता कम होगी बल्कि पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ कैटरिंग व्यवस्था भी विकसित की जा सकेगी।