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लाल सागर में केबल कट से भारत, पाकिस्तान और मध्य पूर्व की इंटरनेट सेवाएं प्रभावित

लाल सागर के समुद्र तल में बिछी अंतरराष्ट्रीय फाइबर ऑप्टिक केबल्स के क्षतिग्रस्त होने से भारत, पाकिस्तान और मध्य पूर्व के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नुकसान एक वाणिज्यिक जहाज द्वारा लंगर डालने के कारण हुआ, जिससे कम से कम चार बड़ी केबल्स कट गईं- SEA-ME-WE 4, IMEWE, Falcon GCX और Europe India Gateway.

विशेषज्ञों का कहना है कि इन केबल्स की मरम्मत में कई हफ्ते लग सकते हैं, क्योंकि यह प्रक्रिया बेहद तकनीकी और जटिल है. दुनिया में केवल 3-4 कंपनियां ही ऐसे समुद्री केबल्स की मरम्मत में सक्षम हैं. समुद्र की गहराई में स्थित इन केबल्स को ठीक करने के लिए विशेष उपकरण और प्रशिक्षित गोताखोरों की जरूरत होती है. साइबर सुरक्षा और नेटवर्क विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह की घटनाएं सामान्यतः लंगर, समुद्री तूफान या दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के कारण होती हैं। इसके अलावा, समय के साथ समुद्र के नीचे बिछी केबल्स में प्राकृतिक घिसाव भी एक बड़ी चुनौती है.

इस घटना से इंटरनेट की स्पीड, डेटा ट्रैफिक और ऑनलाइन सेवाओं पर असर पड़ रहा है. हालांकि, बैकअप नेटवर्क और वैकल्पिक रूट्स के ज़रिए ट्रैफिक को संभालने की कोशिश की जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए समुद्री निगरानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मज़बूत किया जाना चाहिए.