कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच चल रही कथित खींचतान के बीच अब पार्टी के विधायक भी सक्रिय हो गए हैं। मंगलवार को बेंगलुरु के एक लग्जरी होटल में हुई दो अलग-अलग बैठकों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी।
करीब 45 कांग्रेस विधायकों ने शांगरी-ला होटल में एक बैठक की, जिसमें उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावनाओं पर चर्चा की। बैठक के बाद विधायकों ने 26 मार्च को नई दिल्ली जाकर पार्टी नेतृत्व से मुलाकात करने का फैसला लिया। उनका कहना है कि वे मुख्यमंत्री और आलाकमान को ज्ञापन सौंपकर मंत्रिमंडल में स्थान की मांग करेंगे। साथ ही, वे सरकार के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान पर भी स्पष्टता चाहते हैं, खासकर 2028 विधानसभा चुनाव से पहले।
इसी दौरान एक अन्य बैठक में वरिष्ठ विधायक और बेंगलुरु विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एन.ए. हारिस ने कुछ नेताओं के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें सरकार में शामिल करने की मांग रखी। हाल ही में हुई अन्य बैठकों और डिनर मीटिंग्स ने भी नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को हवा दी है। सूत्रों के अनुसार, विधायकों ने पार्टी की गिरती छवि और आंतरिक मतभेदों को लेकर चिंता जताई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाक्रमों से राज्य में कांग्रेस के भविष्य नेतृत्व को लेकर चर्चा और तेज़ हो गई है।









