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भारत-अमेरिका के बीच जल्द होगी 3 अरब डॉलर की P-8I डील

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग एक नए स्तर पर पहुंचता दिख रहा है। दोनों देशों के बीच करीब 3 अरब डॉलर की बड़ी रक्षा डील पर सहमति बन रही है, जिसके तहत भारतीय नौसेना छह अत्याधुनिक P-8I एंटी-सबमरीन वॉरफेयर और मैरीटाइम सर्विलांस विमान खरीदेगी। इस सौदे से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री निगरानी और रणनीतिक पकड़ पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव को जल्द ही रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा और इसके बाद कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से अंतिम स्वीकृति ली जाएगी। फिलहाल भारतीय नौसेना के पास 12 P-8I विमान मौजूद हैं, जो तमिलनाडु के अरक्कोनम और गोवा से संचालित होकर पूर्वी और पश्चिमी समुद्री सीमाओं पर लगातार निगरानी रखते हैं। नए छह विमानों के शामिल होने से यह क्षमता और विस्तार पाएगी।

P-8I विमान लंबी दूरी की समुद्री गश्त, पनडुब्बियों का पता लगाने और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने में बेहद कारगर माने जाते हैं। खासतौर पर हिंद महासागर में चीन और पाकिस्तान की बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए ये विमान नौसेना की ताकत की रीढ़ बन चुके हैं। इसके साथ ही भारतीय नौसेना को आधुनिक ड्रोन तकनीक से भी लैस किया जा रहा है। नौसेना को 15 MQ-9 सी गार्डियन हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस ड्रोन मिलेंगे, जिनकी डिलीवरी 2029 से शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा 87 मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (MALE) ड्रोन भी सशस्त्र बलों में शामिल किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या नौसेना को मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन कदमों से समुद्री सुरक्षा, निगरानी और रणनीतिक बढ़त के मामले में भारत की स्थिति और मजबूत होगी, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में देश की पकड़ और प्रभाव बढ़ेगा।