देश में निजी टैक्सी कंपनियों जैसे ओला और ऊबर के बाद अब सरकार खुद की निगरानी में एक नई टैक्सी सेवा शुरू करने जा रही है. इस सेवा का नाम ‘भारत टैक्सी’ रखा गया है. यह भारत की पहली राष्ट्रीय सहकारी राइड-हेलिंग सेवा होगी, जिसे सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिविजन (NeGD) मिलकर शुरू कर रहे हैं. इसके पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत नवंबर 2025 में दिल्ली से होगी, जिसमें 650 ड्राइवर शामिल रहेंगे. आगे चलकर इसे देशभर में लागू किया जाएगा और लगभग 5,000 ड्राइवर, जिनमें महिलाएं भी होंगी, इस योजना से जुड़ेंगे.
‘भारत टैक्सी’ का मोबाइल ऐप ओला और ऊबर की तरह होगा, जिसे नवंबर में ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा. यह ऐप हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी — चार भाषाओं में उपलब्ध रहेगा. सबसे खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म से की गई हर राइड की पूरी कमाई ड्राइवर को मिलेगी. उन्हें केवल मामूली शुल्क दैनिक, साप्ताहिक या मासिक आधार पर देना होगा.
महिला ड्राइवरों के सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. पहले चरण में 100 महिलाएं जुड़ेंगी, जिन्हें 15 नवंबर से मुफ्त ट्रेनिंग और बीमा सुविधा दी जाएगी. 2030 तक महिला ड्राइवरों की संख्या 15,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य है. सरकार ने इसकी चरणबद्ध विस्तार योजना भी तय की है — मार्च 2026 तक मुंबई, पुणे और राजकोट में सेवा शुरू होगी, जबकि 2027 तक यह भोपाल, लखनऊ और जयपुर तक पहुंचेगी. 2030 तक यह योजना गांवों तक विस्तारित की जाएगी, जिसमें एक लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ेंगे.









