हरियाणा के फरीदाबाद में देश का पहला कुत्तों के लिए समर्पित श्मशान घाट तैयार किया गया है। बूढ़ेना गांव में बने इस केंद्र में आवारा और पालतू कुत्तों के शवों का वैज्ञानिक और मानवीय निपटान किया जाएगा। अब मृत जानवरों को सड़कों या कूड़े के ढेर पर नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। यह पहल AAPSI संस्था ने शुरू की है, जबकि फरीदाबाद नगर निगम (FMC) ने इसके लिए जमीन उपलब्ध कराई। नगर निगम और सामाजिक संगठनों के सहयोग से यह केंद्र संचालित होगा, जिससे लंबे समय से चली आ रही मृत पशुओं के निपटान की समस्या हल हो सके।
नगर निगम का कहना है कि इस व्यवस्था से शहर में बदबू और गंदगी कम होगी। सड़कों पर पड़े शवों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा भी घटेगा। पशु प्रेमियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के लिए यह राहत का काम करेगा। इस श्मशान की सबसे खास बात यह है कि दाह संस्कार गोबर के उपलों से किया जाएगा, जिससे धुएं और प्रदूषण को कम किया जा सके। यह मॉडल “Green Crematorium” के नाम से जाना जा रहा है।
AAPSI के प्रतिनिधि विनीत खट्टर के मुताबिक, यह ग्रीन श्मशान 80 किलो तक वजन वाले जानवरों जैसे कुत्ते, भेड़, बकरी या बंदरों का अंतिम संस्कार कर सकता है। इसमें पालतू और आवारा दोनों तरह के कुत्तों का सम्मानपूर्वक दाह संस्कार किया जाएगा। नगर निगम का लक्ष्य है कि इस मॉडल को धीरे-धीरे पूरे शहर और राज्य के दूसरे इलाकों में लागू किया जाए, ताकि हर जगह मृत जानवरों को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से अंतिम विदाई दी जा सके।









