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वैश्विक तनाव का असर, भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के असफल रहने का असर वैश्विक बाजारों पर साफ देखने को मिला। सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1600 अंकों से अधिक टूटकर करीब 75,937 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 भी 461 अंकों की गिरावट के साथ लगभग 23,589 पर कारोबार करता नजर आया।

दरअसल, शनिवार को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक चली बातचीत किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद तनाव और बढ़ गया। हालात तब और गंभीर हो गए जब अमेरिका की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी की चेतावनी दी गई। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।

वार्ता विफल होने के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। भारत, जो अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इस स्थिति से सीधे प्रभावित हुआ। तेल महंगा होने से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की आशंका बढ़ गई है, जिससे परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत में इजाफा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती लागत के कारण महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर आम जनता की जेब पर भी पड़ेगा।