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भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार, लेकिन दो देशों में सुविधा बंद

भारत का पासपोर्ट वैश्विक स्तर पर पहले से बेहतर स्थिति में पहुँच गया है। हेनले एंड पार्टनर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2026 में भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक गतिशीलता रैंकिंग 75वीं स्थिति पर है, जबकि 2025 में यह 85वीं और साल की शुरुआत में 80वीं रैंक पर था।

हालांकि, कुछ देशों ने भारतीयों के लिए वीजा सुविधाएँ घटा दी हैं। ईरान ने नवंबर 2025 में सामान्य भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा फ्री सुविधा बंद कर दी, जबकि बोलिविया ने वीजा ऑन अराइवल की जगह नई ई-वीजा प्रणाली लागू की। इसके बावजूद, गाम्बिया ने फरवरी 2026 में भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दी, जिससे कुल 56 देशों में भारतीय बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल यात्रा कर सकते हैं।

रैंकिंग में सुधार का कारण हेनले इंडेक्स का रिलेटिव सिस्टम है। अगर अन्य देशों की वैश्विक पहुंच घटती है, तो भारत की रैंकिंग अपने आप ऊपर चली जाती है। भारत वर्तमान में अल्जीरिया और नाइजर के साथ समान 75वीं रैंक पर है।

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 199 देशों के पासपोर्ट की तुलना करता है। इसमें वीजा फ्री यात्रा, वीजा ऑन अराइवल, बॉर्डर परमिट और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन शामिल हैं। यदि किसी देश में पहले से वीजा या ई-वीजा की आवश्यकता होती है, तो उसे 0 अंक दिया जाता है।